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mahabharat 9.29.62-63h: तदनन्तर वे महारथी बहुत समय तक वहाँ विलाप करते रहे। तत्पश्चात् पाण्डवों को युद्धभूमि में आते देख, सबमें श्रेष्ठ वे तीनों महारथी वहाँ से भाग गये।   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 62-63h
 
 
श्लोक  9.29.62-63h 
ते तु तत्र चिरं कालं विलप्य च महारथा:॥ ६२॥
प्राद्रवन् रथिनां श्रेष्ठा दृष्ट्वा पाण्डुसुतान् रणे।
 
 
अनुवाद
तदनन्तर वे महारथी बहुत समय तक वहाँ विलाप करते रहे। तत्पश्चात् पाण्डवों को युद्धभूमि में आते देख, सबमें श्रेष्ठ वे तीनों महारथी वहाँ से भाग गये।
 
Thereafter those great charioteers kept mourning there for a long time. Then on seeing the Pandavas coming to the battlefield, those three brave charioteers, the best among all, fled from there. 62 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)