Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.29.56: उनके नाम इस प्रकार हैं - शरद्वान के पुत्र वीर कृपाचार्य, द्रोण के पुत्र अश्वत्थामा, रथियों में श्रेष्ठ तथा भोजवंशी कृतवर्मा। ये सभी एक साथ थे और बाणों से घायल हो रहे थे। | mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कृपं शारद्वतं वीरं द्रौणिं च रथिनां वरम्।
भोजं च कृतवर्माणं सहितान् शरविक्षतान्॥ ५६॥
अनुवाद
उनके नाम इस प्रकार हैं - शरद्वान के पुत्र वीर कृपाचार्य, द्रोण के पुत्र अश्वत्थामा, रथियों में श्रेष्ठ तथा भोजवंशी कृतवर्मा। ये सभी एक साथ थे और बाणों से घायल हो रहे थे।
Their names are as follows - Sharadvan's son Veer Krupacharya, Drona's son Ashwatthama, the best among charioteers and Bhojavanshi Kritavarma. All of them were together and were being wounded by arrows.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥