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mahabharat 9.29.55: दुर्योधन के सरोवर में डूब जाने के बाद, मैं अकेला खड़ा था और मैंने देखा कि मेरे पक्ष के तीन महारथी वहाँ उपस्थित थे, जो एक साथ उस स्थान पर पहुँचे थे। तीनों के घोड़े थके हुए थे।   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 55
 
 
श्लोक  9.29.55 
तस्मिन् ह्रदं प्रविष्टे तु त्रीन् रथान् श्रान्तवाहनान्।
अपश्यं सहितानेकस्तं देशं समुपेयुष:॥ ५५॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन के सरोवर में डूब जाने के बाद, मैं अकेला खड़ा था और मैंने देखा कि मेरे पक्ष के तीन महारथी वहाँ उपस्थित थे, जो एक साथ उस स्थान पर पहुँचे थे। तीनों के घोड़े थके हुए थे।
 
After Duryodhan had drowned in the lake, I stood alone and saw three great warriors from my side present there, who had reached that place together. The horses of all three were tired.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)