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mahabharat 9.29.5: विश्वविख्यात वीर सव्यसाची अर्जुन द्वारा युद्धभूमि में विचरण करते हुए मारे गए वे घोड़े और सवार पृथ्वी पर निर्जीव होकर गिर पड़े॥5॥   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  9.29.5 
ते हया: प्रत्यपद्यन्त वसुधां विगतासव:।
चरता लोकवीरेण प्रहता: सव्यसाचिना॥ ५॥
 
 
अनुवाद
विश्वविख्यात वीर सव्यसाची अर्जुन द्वारा युद्धभूमि में विचरण करते हुए मारे गए वे घोड़े और सवार पृथ्वी पर निर्जीव होकर गिर पड़े॥5॥
 
Those horses and riders killed by the world-renowned hero Savyasachi Arjun while wandering in the battlefield fell lifeless on the earth. 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)