Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.29.49-50: यह सुनकर आपके पुत्र ने गहरी साँस ली और बार-बार मेरी ओर देखते हुए मुझे हाथ से छूकर कहा, 'संजय! इस युद्ध में संभवतः आपके अतिरिक्त कोई और जीवित नहीं है, क्योंकि मुझे यहाँ कोई अन्य सगा-संबंधी दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, पांडव अपने सहायकों के साथ धन्य हैं।' | mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यह सुनकर आपके पुत्र ने गहरी साँस ली और बार-बार मेरी ओर देखते हुए मुझे हाथ से छूकर कहा, 'संजय! इस युद्ध में संभवतः आपके अतिरिक्त कोई और जीवित नहीं है, क्योंकि मुझे यहाँ कोई अन्य सगा-संबंधी दिखाई नहीं दे रहा है। दूसरी ओर, पांडव अपने सहायकों के साथ धन्य हैं।'
On hearing this, your son took a deep breath and looked at me again and again and touched me with his hand and said, 'Sanjaya! In this war, probably no one other than you is alive because I am not seeing any other relative here. On the other hand, the Pandavas are blessed with their helpers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥