Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.29.43: मुझे देखते ही उसकी आँखें भर आईं। वह मुझे ठीक से देख नहीं पा रहा था। मैं वहाँ दयनीय हालत में खड़ी थी। वह मुझे उसी हालत में देखता रहा। | mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
स तु मामश्रुपूर्णाक्षो नाशक्नोदभिवीक्षितुम्।
उपप्रैक्षत मां दृष्ट्वा तथा दीनमवस्थितम्॥ ४३॥
अनुवाद
मुझे देखते ही उसकी आँखें भर आईं। वह मुझे ठीक से देख नहीं पा रहा था। मैं वहाँ दयनीय हालत में खड़ी थी। वह मुझे उसी हालत में देखता रहा।
As soon as he saw me, his eyes filled with tears. He could not look at me properly. I was standing there in a pitiable state. He kept looking at me in that state.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥