श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.29.34 
सुबलस्य हते पुत्रे सवाजिरथकुञ्जरे।
महावनमिव च्छिन्नमभवत् तावकं बलम्॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
जब सुबलपुत्र अपने घोड़ों, रथों और हाथियों सहित मारा गया, तब आपकी सेना कटे हुए विशाल वन के समान दिखाई देने लगी ॥ 34॥
 
When the son of Subala was killed along with his horses, chariots and elephants your army appeared like a huge cut down forest. ॥ 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)