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mahabharat 9.29.33: अपने तीखे बाणों से अपने सम्बन्धियों और मन्त्रियों सहित उन योद्धाओं को मारकर अर्जुन श्वेत घोड़ों से जुते हुए रथ पर बैठे हुए अत्यन्त शोभायमान हो रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  9.29.33 
तान् हत्वा निशितैर्बाणै: सामात्यान् सह बन्धुभि:।
रथे श्वेतहये तिष्ठन्नर्जुनो बह्वशोभत॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
अपने तीखे बाणों से अपने सम्बन्धियों और मन्त्रियों सहित उन योद्धाओं को मारकर अर्जुन श्वेत घोड़ों से जुते हुए रथ पर बैठे हुए अत्यन्त शोभायमान हो रहे थे।
 
Having killed those warriors along with his relatives and ministers with his sharp arrows, Arjuna looked very glorious sitting on a chariot drawn by white horses. 33.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)