Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.29.30: हे राजन! अपनी सेना का इस प्रकार नाश होते देखकर और इस प्रकार चिन्ता करते हुए राजा दुर्योधन का हृदय शोक और शोक से भर गया। उसने सरोवर में प्रवेश करने का विचार किया। | mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं विचिन्तयानस्तु प्रविविक्षुर्ह्रदं नृप:।
दु:खसंतप्तहृदयो दृष्ट्वा राजन् बलक्षयम्॥ ३०॥
अनुवाद
हे राजन! अपनी सेना का इस प्रकार नाश होते देखकर और इस प्रकार चिन्ता करते हुए राजा दुर्योधन का हृदय शोक और शोक से भर गया। उसने सरोवर में प्रवेश करने का विचार किया।
O King! Seeing the destruction of his army and worrying in this manner, King Duryodhana's heart was filled with sorrow and grief. He thought of entering the lake.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥