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mahabharat 9.29.27: आपका प्रतापी पुत्र दुर्योधन, जो एक समय ग्यारह सैनिकों की सेना का सेनापति था, अब हाथ में गदा लेकर पैदल ही सरोवर की ओर दौड़ रहा था।   |   mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  9.29.27 
एकादशचमूभर्ता पुत्रो दुर्योधनस्तव।
गदामादाय तेजस्वी पदाति: प्रस्थितो ह्रदम्॥ २७॥
 
 
अनुवाद
आपका प्रतापी पुत्र दुर्योधन, जो एक समय ग्यारह सैनिकों की सेना का सेनापति था, अब हाथ में गदा लेकर पैदल ही सरोवर की ओर दौड़ रहा था।
 
Your illustrious son Duryodhana who was once the commander of an eleven-strong army was now running towards the lake on foot with his mace in his hand.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)