Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.29.2: उस समय सहदेव की विजय के लिए दृढ़ संकल्पित अर्जुन ने उन समस्त सैनिकों को आगे बढ़ने से रोक दिया। उनके साथ महाप्रतापी भीमसेन भी थे, जो क्रुद्ध विषधर सर्प के समान दिखाई देते थे॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 9.29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस समय सहदेव की विजय के लिए दृढ़ संकल्पित अर्जुन ने उन समस्त सैनिकों को आगे बढ़ने से रोक दिया। उनके साथ महाप्रतापी भीमसेन भी थे, जो क्रुद्ध विषधर सर्प के समान दिखाई देते थे॥ 2॥
At that time, determined to secure Sahadeva's victory, Arjuna stopped all those soldiers from advancing. Along with him was the illustrious Bhimasena, who looked like an enraged poisonous serpent.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥