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श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 29: बची हुई समस्त कौरव-सेनाका वध, संजयका कैदसे छूटना, दुर्योधनका सरोवरमें प्रवेश तथा युयुत्सुका राजमहिलाओंके साथ हस्तिनापुरमें जाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  9.29.1 
संजय उवाच
तत: क्रुद्धा महाराज सौबलस्य पदानुगा:।
त्यक्त्वा जीवितमाक्रन्दे पाण्डवान् पर्यवारयन्॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: तत्पश्चात् शकुनि के अनुयायी अत्यन्त क्रोधित हो गये और उन्होंने जीवन की आसक्ति त्यागकर उस महायुद्ध में पाण्डवों को चारों ओर से घेर लिया।
 
Sanjaya says: Thereafter, Shakuni's followers became very angry and, abandoning their attachment to life, surrounded the Pandavas from all sides in that great war.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)