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mahabharat 9.28.64: राजन! जब वीर सहदेव ने उसकी दोनों सुन्दर गोल भुजाएँ काट दीं, तब राजा शकुनीक का भयानक शरीर, लहूलुहान होकर, उत्तम रथ से नीचे गिर पड़ा और पीड़ा से छटपटाने लगा।   |   mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.28.64 
भुजौ सुवृत्तौ प्रचकर्त वीर:
पश्चात् कबन्धं रुधिरावसिक्तम्।
विस्पन्दमानं निपपात घोरं
रथोत्तमात् पार्थिव पार्थिवस्य॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
राजन! जब वीर सहदेव ने उसकी दोनों सुन्दर गोल भुजाएँ काट दीं, तब राजा शकुनीक का भयानक शरीर, लहूलुहान होकर, उत्तम रथ से नीचे गिर पड़ा और पीड़ा से छटपटाने लगा।
 
King! When the brave Sahadeva cut off both of his round and beautiful arms, King Shakunika's hideous body fell down from the excellent chariot, bleeding profusely, and started writhing in pain.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)