Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.28.62: वह स्वर्ण बाण सूर्य के समान तेजस्वी था और ठीक निशाने पर लगाकर छोड़ा गया था। पाण्डुपुत्र सहदेव ने जब युद्धभूमि में सुबलपुत्र शकुनीक का सिर काट डाला, तो वह निर्जीव होकर भूमि पर गिर पड़ा। | mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह स्वर्ण बाण सूर्य के समान तेजस्वी था और ठीक निशाने पर लगाकर छोड़ा गया था। पाण्डुपुत्र सहदेव ने जब युद्धभूमि में सुबलपुत्र शकुनीक का सिर काट डाला, तो वह निर्जीव होकर भूमि पर गिर पड़ा।
That golden arrow was as radiant as the Sun and was shot after being well aimed. When Sahadeva, the son of Pandu, cut off the head of Shakunika, the son of Subala, on the battlefield, he fell lifeless on the ground.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥