Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.28.61: तत्पश्चात्, तीव्र गति वाले सहदेव ने पुनः स्वर्ण पंखयुक्त लोहे के बने एक अचूक बाण से शकुनि का सिर धड़ से अलग कर दिया, तथा बड़ी सटीकता से ऐसा बाण चलाया कि वह समस्त आवरणों को भेदने में समर्थ था। | mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात्, तीव्र गति वाले सहदेव ने पुनः स्वर्ण पंखयुक्त लोहे के बने एक अचूक बाण से शकुनि का सिर धड़ से अलग कर दिया, तथा बड़ी सटीकता से ऐसा बाण चलाया कि वह समस्त आवरणों को भेदने में समर्थ था।
Thereafter, the swift Sahadeva again cut off Shakuni's head from the body with a well-aimed arrow made of iron with golden feathers and shot with great accuracy, which was capable of piercing all the coverings.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥