Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.28.57: शकुनि की ध्वजा, छत्र और धनुष काटकर सहदेव ने उसके सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर बाणों से गहरे घाव कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 57
 
 
श्लोक  9.28.57 
छिन्नध्वजधनुश्छत्र: सहदेवेन सौबल:।
कृतो विद्धश्च बहुभि: सर्वमर्मसु सायकै:॥ ५७॥
 
 
अनुवाद
शकुनि की ध्वजा, छत्र और धनुष काटकर सहदेव ने उसके सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर बाणों से गहरे घाव कर दिए।
 
After cutting off Shakuni's flag, umbrella and bow, Sahadeva inflicted deep wounds on all his vital spots with arrows. 57.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)