Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.28.55-56: वीरों में श्रेष्ठ सहदेव अत्यंत अजेय हैं। क्रोध से जलते हुए उन्होंने उनके पास जाकर बलपूर्वक अपना धनुष खींचा और शकुनि को दस बाणों से घायल कर दिया तथा चार बाणों से उनके घोड़ों को घायल कर दिया। फिर उन्होंने उनका छत्र, ध्वजा और धनुष काट डाले और सिंह के समान दहाड़ने लगे। | mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वीरों में श्रेष्ठ सहदेव अत्यंत अजेय हैं। क्रोध से जलते हुए उन्होंने उनके पास जाकर बलपूर्वक अपना धनुष खींचा और शकुनि को दस बाणों से घायल कर दिया तथा चार बाणों से उनके घोड़ों को घायल कर दिया। फिर उन्होंने उनका छत्र, ध्वजा और धनुष काट डाले और सिंह के समान दहाड़ने लगे।
Sahadeva, the best among warriors, is extremely invincible. Burning with anger, he went near him and forcefully drew his bow and wounded Shakuni with ten arrows and pierced his horses with four arrows. Then he cut off his umbrella, flag and bow and roared like a lion.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥