Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.28.48-49: उन्होंने बड़े जोर से विशाल धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर, शिला पर तीखे किए हुए गिद्ध के पंखों के बाणों से शकुनि पर आक्रमण किया और क्रोध में आकर उसे ऐसे घायल कर दिया, जैसे किसी विशाल हाथी को अंकुश से मार डाला जाता है।   |   mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 48-49
 
 
श्लोक  9.28.48-49 
अधिज्यं बलवत् कृत्वा व्याक्षिपन् सुमहद् धनु:॥ ४८॥
स सौबलमभिद्रुत्य गार्ध्रपत्रै: शिलाशितै:।
भृशमभ्यहनत् क्रुद्धस्तोत्रैरिव महाद्विपम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
उन्होंने बड़े जोर से विशाल धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाकर, शिला पर तीखे किए हुए गिद्ध के पंखों के बाणों से शकुनि पर आक्रमण किया और क्रोध में आकर उसे ऐसे घायल कर दिया, जैसे किसी विशाल हाथी को अंकुश से मार डाला जाता है।
 
Having strung a huge bow with great force, He attacked Shakuni with arrows of vulture's feathers sharpened on a rock and, in a fit of rage, inflicted a severe wound on him, just as a huge elephant is killed with goads.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)