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mahabharat 9.28.41-42h: अपनी ओर आती हुई उस शक्ति को सुवर्ण से विभूषित बाणों द्वारा घायल करके सहदेव ने युद्धस्थल में सहसा ही हँसते हुए उसके तीन टुकड़े कर दिए।   |   mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन  »  श्लोक 41-42h
 
 
श्लोक  9.28.41-42h 
तामापतन्तीं सहसा शरै: कनकभूषणै:॥ ४१॥
त्रिधा चिच्छेद समरे सहदेवो हसन्निव।
 
 
अनुवाद
अपनी ओर आती हुई उस शक्ति को सुवर्ण से विभूषित बाणों द्वारा घायल करके सहदेव ने युद्धस्थल में सहसा ही हँसते हुए उसके तीन टुकड़े कर दिए।
 
Having struck that Shakti (force) coming towards him with arrows adorned with gold, Sahadeva, smilingly, suddenly cut it into three parts in the battlefield. 41 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)