Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.28.4-5: महाराज! वे वीर योद्धा रणभूमि में आपस में भिड़ गए और मोर तथा शंख के समान पंख वाले तीखे बाणों से एक-दूसरे पर प्रहार करने लगे। वे बाण स्वर्ण पंखों से अलंकृत, पत्थर पर साफ किए हुए और कानों तक खींचकर छोड़े गए थे। | mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! वे वीर योद्धा रणभूमि में आपस में भिड़ गए और मोर तथा शंख के समान पंख वाले तीखे बाणों से एक-दूसरे पर प्रहार करने लगे। वे बाण स्वर्ण पंखों से अलंकृत, पत्थर पर साफ किए हुए और कानों तक खींचकर छोड़े गए थे।
King! Those valiant warriors clashed with each other in the battlefield and started attacking each other with sharp arrows having feathers like peacock and conch. Those arrows were decorated with golden feathers, cleaned on a stone and were shot after being pulled up to the ears.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥