Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.28.14-15: महाराज! यह पृथ्वी अत्यन्त भयानक प्रतीत हो रही थी, अंगद, कवच, तलवार, भाले और कुल्हाड़ियों से भरी हुई, हाथी की सूँड़ के समान भुजाओं वाली, टुकड़े-टुकड़े होकर नाचते हुए कबन्ध और अन्य लोगों से भरी हुई, तथा मांसभक्षी पशुओं से आच्छादित थी। | mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महाराज! यह पृथ्वी अत्यन्त भयानक प्रतीत हो रही थी, अंगद, कवच, तलवार, भाले और कुल्हाड़ियों से भरी हुई, हाथी की सूँड़ के समान भुजाओं वाली, टुकड़े-टुकड़े होकर नाचते हुए कबन्ध और अन्य लोगों से भरी हुई, तथा मांसभक्षी पशुओं से आच्छादित थी।
Maharaj! This earth appeared very terrifying, filled with Angad, armor, sword, lance and axes, arms like the trunk of an elephant, dismembered and dancing Kabandhas and other people, and covered with carnivorous animals.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥