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mahabharat 9.28.12: महाराज! वहाँ युद्धस्थल में क्रुद्ध योद्धा एक-दूसरे से भिड़ते और एक-दूसरे को चोट पहुँचाते हुए इधर-उधर घूम रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.28: सहदेवके द्वारा उलूक और शकुनिका वध एवं बची हुई सेनासहित दुर्योधनका पलायन   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  9.28.12 
योधास्तत्र महाराज समासाद्य परस्परम्।
व्यचरन्त रणे क्रुद्धा विनिघ्नन्त: परस्परम्॥ १२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! वहाँ युद्धस्थल में क्रुद्ध योद्धा एक-दूसरे से भिड़ते और एक-दूसरे को चोट पहुँचाते हुए इधर-उधर घूम रहे थे।
 
Maharaj! There on the battlefield the enraged warriors were roaming around clashing with each other and hurting each other.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)