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mahabharat 9.27.51-52h: उस वीर के मारे जाने पर उसके सेवकों ने युद्धस्थल में भीमसेन को चारों ओर से घेर लिया और उन पर नाना प्रकार के बाणों की वर्षा करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 51-52h
 
 
श्लोक  9.27.51-52h 
तस्मिंस्तु निहते वीरे ततस्तस्य पदानुगा:॥ ५१॥
परिवव्रू रणे भीमं किरन्तो विविधान् शरान्।
 
 
अनुवाद
उस वीर के मारे जाने पर उसके सेवकों ने युद्धस्थल में भीमसेन को चारों ओर से घेर लिया और उन पर नाना प्रकार के बाणों की वर्षा करने लगे।
 
After that hero was killed, his servants surrounded Bhimasena from all sides on the battlefield, showering him with various kinds of arrows. 51 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)