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mahabharat 9.27.47-48h: युद्धभूमि में सुशर्मा का वध करके अर्जुन ने उसके पैंतालीस महापराक्रमी पुत्रों को भी अपने बाणों से यमलोक भेज दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 47-48h
 
 
श्लोक  9.27.47-48h 
सुशर्माणं रणे हत्वा पुत्रानस्य महारथान्॥ ४७॥
सप्त चाष्टौ च त्रिंशच्च सायकैरनयत् क्षयम्।
 
 
अनुवाद
युद्धभूमि में सुशर्मा का वध करके अर्जुन ने उसके पैंतालीस महापराक्रमी पुत्रों को भी अपने बाणों से यमलोक भेज दिया।
 
After killing Susharma on the battlefield, Arjuna also sent his forty-five mighty sons to Yamaloka with his arrows. 47 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)