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mahabharat 9.27.43-44h: हे भरतश्रेष्ठ! अर्जुन ने उस वीर धनुर्धर के घोड़ों पर सौ बाणों से आक्रमण करके उन पर घातक प्रहार किया।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 43-44h
 
 
श्लोक  9.27.43-44h 
तमर्जुन: पृषत्कानां शतेन भरतर्षभ॥ ४३॥
पूरयित्वा ततो वाहान् प्राहरत् तस्य धन्विन:।
 
 
अनुवाद
हे भरतश्रेष्ठ! अर्जुन ने उस वीर धनुर्धर के घोड़ों पर सौ बाणों से आक्रमण करके उन पर घातक प्रहार किया।
 
O best of the Bharatas! Arjuna, having covered him with a hundred arrows, attacked the horses of that brave archer fatally.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)