Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.27.38-40h: भगवन्! उस समय महाबली पाण्डुनंदन अर्जुन ने तलवार से सत्यकर्मा पर आक्रमण करके उनके रथ का ईश (हर्ष) काट डाला। तत्पश्चात् उस महारथी ने शिला पर तीखे किए हुए फरसे से उनके तप्त स्वर्ण कुण्डलों से सुशोभित मस्तक को सहसा काट डाला। 38-39 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सत्यकर्माणमाक्षिप्य क्षुरप्रेण महायशा:॥ ३८॥
ततोऽस्य स्यन्दनस्येषां चिच्छिदे पाण्डुनन्दन:।
शिलाशितेन च विभो क्षुरप्रेण महायशा:॥ ३९॥
शिरश्चिच्छेद सहसा तप्तकुण्डलभूषणम्।
अनुवाद
भगवन्! उस समय महाबली पाण्डुनंदन अर्जुन ने तलवार से सत्यकर्मा पर आक्रमण करके उनके रथ का ईश (हर्ष) काट डाला। तत्पश्चात् उस महारथी ने शिला पर तीखे किए हुए फरसे से उनके तप्त स्वर्ण कुण्डलों से सुशोभित मस्तक को सहसा काट डाला। 38-39 1/2॥
Lord! At that time, the great Pandu Nandan Arjuna attacked Satyakarma with his sword and cut off the Isha (harsa) of his chariot. After that, that great warrior suddenly cut off the head adorned with its heated gold earrings with the ax sharpened on the rock. 38-39 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥