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mahabharat 9.27.36-37h: पार्थ ने अपने अनेक बाणों से घुड़सवारों की उस सेना को नष्ट कर दिया और समस्त घोड़ों को मारकर त्रिगर्त देश से आये हुए रथियों पर आक्रमण कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 36-37h
 
 
श्लोक  9.27.36-37h 
तदनीकं तदा पार्थो व्यधमद् बहुभि: शरै:॥ ३६॥
पातयित्वा हयान् सर्वांस्त्रिगर्तानां रथान् ययौ।
 
 
अनुवाद
पार्थ ने अपने अनेक बाणों से घुड़सवारों की उस सेना को नष्ट कर दिया और समस्त घोड़ों को मारकर त्रिगर्त देश से आये हुए रथियों पर आक्रमण कर दिया।
 
Partha destroyed that army of horsemen with his numerous arrows, and having struck down all the horses, attacked the charioteers from the Trigarta country.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)