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mahabharat 9.27.34-35h: प्रजानाथ! कुछ देर बाद होश में आने पर सहदेव ने क्रोध में भरकर दुर्योधन पर तीखे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 34-35h
 
 
श्लोक  9.27.34-35h 
प्रतिलभ्य तत: संज्ञां सहदेवो विशाम्पते॥ ३४॥
दुर्योधनं शरैस्तीक्ष्णै: संक्रुद्ध: समवाकिरत्।
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! कुछ देर बाद होश में आने पर सहदेव ने क्रोध में भरकर दुर्योधन पर तीखे बाणों की वर्षा आरम्भ कर दी।
 
Prajanath! After regaining consciousness after some time, Sahadeva filled with anger started showering sharp arrows on Duryodhan. 34 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)