Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.27.33-34h: आपके पुत्र से दण्डित होकर सहदेव रथ के पिछले भाग में बैठ गया और विषैले सर्प के समान फुफकारने और भारी श्वास लेने लगा। उसका सारा शरीर रक्त से लथपथ हो गया। ॥33 1/2॥ | mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आपके पुत्र से दण्डित होकर सहदेव रथ के पिछले भाग में बैठ गया और विषैले सर्प के समान फुफकारने और भारी श्वास लेने लगा। उसका सारा शरीर रक्त से लथपथ हो गया। ॥33 1/2॥
Chastised by your son, Sahadeva sat at the rear of the chariot, hissing and breathing heavily like a poisonous snake. His whole body was soaked in blood. ॥ 33 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥