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mahabharat 9.27.21-22h: आज मैं अत्यन्त क्रोधित होकर तीखे बाणों से गांधार नरेश शकुनि का वध करूँगा तथा राजा युधिष्ठिर के दीर्घकालीन जागरण के रोग को दूर करूँगा।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 21-22h
 
 
श्लोक  9.27.21-22h 
अद्य युद्धे सुसंक्रुद्धो दीर्घं राज्ञा प्रजागरम्॥ २१॥
अपनेष्यामि गान्धारं घातयित्वा शितै: शरै:।
 
 
अनुवाद
आज मैं अत्यन्त क्रोधित होकर तीखे बाणों से गांधार नरेश शकुनि का वध करूँगा तथा राजा युधिष्ठिर के दीर्घकालीन जागरण के रोग को दूर करूँगा।
 
Today, being very angry, I will kill Gandhara King Shakuni with sharp arrows and remove the disease of prolonged wakefulness of King Yudhishthira.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)