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mahabharat 9.27.17-18h: माधव! अश्वत्थामा, कृपाचार्य, त्रिगर्तराज सुशर्मा, उलूक, शकुनि और सात्वतवंशी कृतवर्मा- ये दुर्योधन की सेना में कुछ ही वीर योद्धा बचे हैं।   |   mahabharat अध्याय 9.27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 27: श्रीकृष्ण और अर्जुनकी बातचीत, अर्जुनद्वारा सत्यकर्मा, सत्येषु तथा पैंतालीस पुत्रों और सेनासहित सुशर्माका वध तथा भीमके द्वारा धृतराष्ट्रपुत्र सुदर्शनका अन्त  »  श्लोक 17-18h
 
 
श्लोक  9.27.17-18h 
अश्वत्थामा कृपश्चैव त्रिगर्ताधिपतिस्तथा।
उलूक: शकुनिश्चैव कृतवर्मा च सात्वत:॥ १७॥
एतद् बलमभूच्छेषं धार्तराष्ट्रस्य माधव।
 
 
अनुवाद
माधव! अश्वत्थामा, कृपाचार्य, त्रिगर्तराज सुशर्मा, उलूक, शकुनि और सात्वतवंशी कृतवर्मा- ये दुर्योधन की सेना में कुछ ही वीर योद्धा बचे हैं।
 
Madhav! Ashwatthama, Kripacharya, Trigartaraj Susharma, Uluk, Shakuni and Satvatavanshi Kritavarma - these are only a few brave soldiers left in Duryodhana's army.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)