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mahabharat 9.26.14: यह देखकर भीमसेन क्रोध से जल उठे और उन्होंने युद्धस्थल में ही जैत्र, भूरिबल और रवि पर विष और अग्नि के समान घातक तीन बाणों से आक्रमण किया॥14॥   |   mahabharat अध्याय 9.26: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका और बहुत-सी चतुरंगिणी सेनाका वध   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 26: भीमसेनके द्वारा धृतराष्ट्रके ग्यारह पुत्रोंका और बहुत-सी चतुरंगिणी सेनाका वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  9.26.14 
तत: क्रुद्धो रणे भीमो जैत्रं भूरिबलं रविम्।
त्रीनेतांस्त्रिभिरानर्च्छद् विषाग्निप्रतिमै: शरै:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
यह देखकर भीमसेन क्रोध से जल उठे और उन्होंने युद्धस्थल में ही जैत्र, भूरिबल और रवि पर विष और अग्नि के समान घातक तीन बाणों से आक्रमण किया॥14॥
 
Seeing this, Bhimasena burned with anger and he attacked Jaitra, Bhuribal and Ravi with three arrows on the battlefield which were as deadly as poison and fire.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)