Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.25.61-62: इधर सात्वतवंशी अश्वत्थामा, कृपाचार्य तथा कृतवर्मा आपके स्वामी पुत्र शत्रुदमन राजा दुर्योधन को रथ सेना में न देखकर उसकी खोज करने लगे। 61-62॥   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 61-62
 
 
श्लोक  9.25.61-62 
अश्वत्थामा कृपश्चैव कृतवर्मा च सात्वत:॥ ६१॥
अपश्यन्तो रथानीके दुर्योधनमरिंदमम्।
राजानं मृगयामासुस्तव पुत्रं महारथम्॥ ६२॥
 
 
अनुवाद
इधर सात्वतवंशी अश्वत्थामा, कृपाचार्य तथा कृतवर्मा आपके स्वामी पुत्र शत्रुदमन राजा दुर्योधन को रथ सेना में न देखकर उसकी खोज करने लगे। 61-62॥
 
Here, Ashwatthama, Kripacharya and Kritavarma of Satvatvanshi, not seeing your master son Shatrudamana king Duryodhana in the chariot army, started searching for him. 61-62॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)