vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना
»
श्लोक 42-43h
श्लोक
9.25.42-43h
आहु: केचिद्धते सूते प्रयातो यत्र सौबल:॥ ४२॥
हित्वा पाञ्चालराजस्य तदनीकं दुरुत्सहम्।
अनुवाद
कुछ लोगों ने कहा, 'सारथी के मारे जाने पर राजा दुर्योधन पांचाल नरेश की असह्य सेना को छोड़कर वहाँ चला गया, जहाँ शकुनि था।'
Some people said, 'After the charioteer was killed, King Duryodhana left the Panchala King's unbearable army and went to where Shakuni was.'
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd