श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 39-40
 
 
श्लोक  9.25.39-40 
अदृष्ट्वा तु रथानीके दुर्योधनमरिंदमम्॥ ३९॥
अश्वत्थामा कृपश्चैव कृतवर्मा च सात्वत:।
अपृच्छन् क्षत्रियांस्तत्र क्व नु दुर्योधनो गत:॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
इधर रथसेना में शत्रु दुर्योधन को न देखकर अश्वत्थामा, कृपाचार्य तथा सात्वतवंशी कृतवर्मा ने सभी क्षत्रियों से पूछा- 'राजा दुर्योधन कहाँ गये हैं?'
 
Here, not seeing the enemy Duryodhan in the chariot army, Ashwatthama, Kripacharya and Kritavarma of Satvatvanshi asked all the Kshatriyas - 'Where has King Duryodhan gone?'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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