Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 9.25.37-39h: उधर धृष्टद्युम्न ने युद्धभूमि में राजा दुर्योधन को परास्त कर दिया था। महाराज! जब आपका पुत्र अपने घोड़े पर सवार होकर वहाँ से भागा, तब समस्त पाण्डवों को हाथियों से घिरा देखकर धृष्टद्युम्न ने उस हाथी सेना पर सहसा आक्रमण कर दिया। पांचालराज का पुत्र धृष्टद्युम्न उन हाथियों का संहार करने के लिए वहाँ से चला। 37-38 1/2। | mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना । mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धृष्टद्युम्नस्तु समरे पराजित्य नराधिपम्।
अपक्रान्ते तव सुते हयपृष्ठं समाश्रिते॥ ३७॥
दृष्ट्वा च पाण्डवान् सर्वान् कुञ्जरै: परिवारितान्।
धृष्टद्युम्नो महाराज सहसा समुपाद्रवत् ॥ ३८॥
पुत्र: पाञ्चालराजस्य जिघांसु: कुञ्जरान् ययौ।
अनुवाद
उधर धृष्टद्युम्न ने युद्धभूमि में राजा दुर्योधन को परास्त कर दिया था। महाराज! जब आपका पुत्र अपने घोड़े पर सवार होकर वहाँ से भागा, तब समस्त पाण्डवों को हाथियों से घिरा देखकर धृष्टद्युम्न ने उस हाथी सेना पर सहसा आक्रमण कर दिया। पांचालराज का पुत्र धृष्टद्युम्न उन हाथियों का संहार करने के लिए वहाँ से चला। 37-38 1/2।
On the other hand, Dhrishtadyumna had defeated King Duryodhana in the battlefield. Maharaj! When your son fled from there riding on his horse, then seeing all the Pandavas surrounded by elephants, Dhrishtadyumna suddenly attacked that elephant army. Dhrishtadyumna, son of Panchalraj, left from there to kill those elephants. 37-38 1/2.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥