श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  9.25.36 
युधिष्ठिरोऽपि संक्रुद्धो माद्रीपुत्रौ च पाण्डवौ।
गार्ध्रपत्रै:शितैर्बाणैर्निन्युर्वै यमसादनम्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर और माद्रीकुमार पाण्डु के पुत्र नकुल और सहदेव भी अत्यन्त क्रोधित होकर गीध पंख वाले तीखे बाणों द्वारा उन हाथियों को यमलोक भेजने लगे ॥36॥
 
Yudhishthir and Madrikumar Pandu's sons Nakul and Sahadev also became very angry and started sending those elephants to Yamalok with sharp arrows having vulture's wings. 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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