श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 35
 
 
श्लोक  9.25.35 
प्रभिन्नकुम्भांस्तु बहून् द्रवमाणानितस्तत:।
पतमानांश्च सम्प्रेक्ष्य वित्रेसुस्तव सैनिका:॥ ३५॥
 
 
अनुवाद
कुम्भस्थल के टूट जाने से बहुत से हाथियों को इधर-उधर भागते और गिरते देखकर आपके सैनिक भयभीत हो गए ॥35॥
 
Your soldiers were terrified to see many elephants running here and there and falling down due to the rupture of the Kumbhasthal. ॥ 35॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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