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mahabharat 9.25.34: भीमसेन की गदा से घायल होकर हाथी भाग गए और पीड़ा से चिल्लाते हुए पंख कटे हुए पर्वतों की भाँति भूमि पर गिर पड़े।   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  9.25.34 
प्राद्रवन् कुञ्जरास्ते तु भीमसेनगदाहता:।
पेतुरार्तस्वरं कृत्वा छिन्नपक्षा इवाद्रय:॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
भीमसेन की गदा से घायल होकर हाथी भाग गए और पीड़ा से चिल्लाते हुए पंख कटे हुए पर्वतों की भाँति भूमि पर गिर पड़े।
 
Wounded by Bhimasena's mace, the elephants fled and, crying out in pain, fell to the ground like mountains with their wings clipped.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)