vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना
»
श्लोक 31-32h
श्लोक
9.25.31-32h
तमुद्यतगदं दृष्ट्वा पाण्डवानां महारथम्॥ ३१॥
वित्रेसुस्तावका: सैन्या: शकृन्मूत्रे च सुस्रुवु:।
अनुवाद
पाण्डव योद्धा भीमसेन को गदा लिये हुए देखकर आपके सैनिक भय से काँप उठे और मल-मूत्र त्यागने लगे। 31 1/2
On seeing the Pandava warrior Bhimasena carrying his mace, your soldiers trembled in fear and began to defecate and urinate. 31 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×