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mahabharat 9.25.29: वहाँ हमने देखा कि सव्यसाची अर्जुन के एक ही बाण से घायल होकर बड़े-बड़े हाथियों के शरीर फटकर नीचे गिर पड़े और लगातार गिराए जा रहे थे।   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  9.25.29 
तत्रैकबाणनिहतानपश्याम महागजान्।
पतितान् पात्यमानांश्च निर्भिन्नान् सव्यसाचिना॥ २९॥
 
 
अनुवाद
वहाँ हमने देखा कि सव्यसाची अर्जुन के एक ही बाण से घायल होकर बड़े-बड़े हाथियों के शरीर फटकर नीचे गिर पड़े और लगातार गिराए जा रहे थे।
 
There we saw that after being struck by a single arrow of Savyasachi Arjuna, the bodies of large elephants were torn apart and fell down and were continuously being made to fall.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)