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mahabharat 9.25.27: राजेन्द्र! तब श्वेतवस्त्रधारी महाबाहु अर्जुन, जिनके सारथी भगवान श्रीकृष्ण हैं, उनके बाणों का लक्ष्य पाकर रथ पर सवार होकर आगे बढ़े॥27॥   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  9.25.27 
ततोऽर्जुनो महाराज लब्धलक्ष्यो महाभुज:।
विनिर्ययौ रथेनैव श्वेताश्व: कृष्णसारथि:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! तब श्वेतवस्त्रधारी महाबाहु अर्जुन, जिनके सारथी भगवान श्रीकृष्ण हैं, उनके बाणों का लक्ष्य पाकर रथ पर सवार होकर आगे बढ़े॥27॥
 
Rajendra! Then the white-carrier, the mighty-armed Arjun, whose charioteer is Lord Shri Krishna, moved forward in his chariot after finding the target of his arrows. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)