vedamrit
Reset
Home
ग्रन्थ
श्रीमद् वाल्मीकि रामायण
श्रीमद् भगवद गीता
______________
श्री विष्णु पुराण
श्रीमद् भागवतम
______________
श्रीचैतन्य भागवत
वैष्णव भजन
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 9: शल्य पर्व
»
अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना
»
श्लोक 26
श्लोक
9.25.26
ते वृता: समरे पञ्च गजानीकेन भारत।
अशोभन्त महाराज ग्रहा व्याप्ता घनैरिव॥ २६॥
अनुवाद
हे भरतपुत्र महाराज! युद्धस्थल में गज सेना से घिरे हुए पाँचों पाण्डव बादलों से ढके हुए पाँच लोकों के समान दिख रहे थे।
O son of Bharata! Maharaj! In the battlefield, the five Pandavas surrounded by the elephant army looked like five planets covered by clouds. 26.
✨ ai-generated
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd