Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 9.25.24: महाराज, अपनी सेना का पराक्रम नष्ट हुआ देखकर आपका पराक्रमी पुत्र दुर्योधन उस स्थान पर गया, जहाँ सुबलपुत्र शकुनि खड़ा था।   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  9.25.24 
दृष्ट्वा तु हतविक्रान्तं स्वमनीकं महाबल:।
तव पुत्रो महाराज प्रययौ यत्र सौबल:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
महाराज, अपनी सेना का पराक्रम नष्ट हुआ देखकर आपका पराक्रमी पुत्र दुर्योधन उस स्थान पर गया, जहाँ सुबलपुत्र शकुनि खड़ा था।
 
Maharaj, seeing the might of his army destroyed, your mighty son Duryodhana went to the place where Subala's son Shakuni was standing.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)