श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  9.25.23 
ततो दुर्योधनो राजा पृष्ठमारुह्य वाजिन:।
अपाक्रामद्धतरथो नातिदूरमरिंदम:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
इस प्रकार रथ के नष्ट हो जाने पर शत्रुओं का नाश करने वाला राजा दुर्योधन घोड़े पर सवार होकर वहाँ से चला गया।23.
 
After the chariot was thus destroyed, King Duryodhana, the destroyer of enemies, rode on a horse and moved away from there. 23.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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