श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  9.25.16-17h 
धृष्टद्युम्नोऽपि पाञ्चाल्य: शिखण्डी च महारथ:॥ १६॥
नाकुलिस्तु शतानीको रथानीकमयोधयन्।
 
 
अनुवाद
पांचाल नरेश महारथी शिखण्डी के पुत्र धृष्टद्युम्न और नकुल के पुत्र शतानीक आपकी रथ सेना के साथ युद्ध कर रहे थे।
 
Dhrishtadyumna, the son of the king of Panchala, the great warrior Shikhandi and Satanika, the son of Nakula, were fighting with your chariot army. 16 1/2
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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