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mahabharat 9.25.15-16h: कुछ लोग अचानक अपने स्वर्ण-जटित रथों पर सवार होकर आये और पाण्डव सेनाओं में से धृष्टद्युम्न के साथ युद्ध करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 9.25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना   ।   mahabharat पर्व 9: शल्य पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 25: अर्जुन और भीमसेनद्वारा कौरवोंकी रथसेना एवं गजसेनाका संहार, अश्वत्थामा आदिके द्वारा दुर्योधनकी खोज, कौरवसेनाका पलायन तथा सात्यकिद्वारा संजयका पकड़ा जाना  »  श्लोक 15-16h
 
 
श्लोक  9.25.15-16h 
आगम्य सहसा केचिद् रथै: स्वर्णविभूषितै:॥ १५॥
पाण्डवानामनीकेषु धृष्टद्युम्नमयोधयन्।
 
 
अनुवाद
कुछ लोग अचानक अपने स्वर्ण-जटित रथों पर सवार होकर आये और पाण्डव सेनाओं में से धृष्टद्युम्न के साथ युद्ध करने लगे।
 
Some people suddenly arrived in their gold-decorated chariots and started fighting with Dhrishtadyumna in the Pandava armies.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)