श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार  »  श्लोक 50
 
 
श्लोक  9.24.50 
क्षेममद्य करिष्यामि धर्मराजस्य माधव।
हत्वैतद् दुर्बलं सैन्यं धार्तराष्ट्रस्य पश्यत:॥ ५०॥
 
 
अनुवाद
माधव! आज मैं दुर्योधन के सामने इस दुर्बल सेना का नाश करके धर्मराज का कल्याण करूँगा। ॥50॥
 
Madhava! Today I will destroy this weak army in front of Duryodhan and do good to Dharmaraja.' ॥ 50॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd