श्री महाभारत  »  पर्व 9: शल्य पर्व  »  अध्याय 24: श्रीकृष्णके सम्मुख अर्जुनद्वारा दुर्योधनके दुराग्रहकी निन्दा और रथियोंकी सेनाका संहार  »  श्लोक 5-6h
 
 
श्लोक  9.24.5-6h 
यत्रैष तुमुल: शब्द: पर्जन्यनिनदोपम:॥ ५॥
तत्र गच्छ द्रुतं राजंस्ततो द्रक्ष्यसि कौरवम्।
 
 
अनुवाद
"हे राजन! जहाँ यह भयंकर शब्द गूँज रहा है, बादलों की गर्जना के समान, वहाँ शीघ्र जाओ। वहाँ तुम कुरुराज को देख सकोगे।" ॥5 1/2॥
 
"O King! Go quickly to the place where this terrifying sound is resounding, like the deep roar of the clouds. There you will be able to see the Kuru King." ॥ 5 1/2 ॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)