माधव! आज मैं युद्धभूमि में समस्त शत्रु योद्धाओं का संहार करूँगा। जब ये क्षत्रिय शीघ्र ही मारे जाएँगे और सारा शिविर खाली हो जाएगा, तब वह अपनी मृत्यु के लिए हमसे युद्ध करना पसन्द करेगा। माधव! मेरा अनुमान है कि उसके मारे जाने पर ही यह शत्रुता समाप्त होगी।॥ 47॥
‘Madhava! Today I will kill all the enemy warriors on the battlefield. When these Kshatriyas are killed soon and the entire camp becomes empty, then he will prefer to fight with us for his death. Madhava! I guess this enmity will end only when he is killed.॥ 47॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥